नमस्कार दोस्तो!
3.उम्र के साथ साथ ईम्यूनिटी कमजोर हो जाती है यही कारण है कि बुजुर्ग जल्दी ही बीमार पड़ जाते है और कई रोगो पीडित रहते है|
इम्युन सिस्टम को एक उदाहरण से समझ सकते है-
अब आप समझ गए होंगे कि इम्यून सिस्टम ठीक उसी प्रकार कार्य करता है जिस प्रकार किसी देश की सेना अपराधी के सीमा में घुसने पर करती है | स्पष्ट है कि -
अब आप समझ गए होंगे कि रोगो से बचने के लिए हमारे इम्यून सिस्टम का मजबूत होना आवश्यक है |
दोस्तों आपको यह जानकारी समझ में आई होगी , इससे अगले आर्टिकल में गहराई से इम्युनिटी को समझेंगे |
Becteria
क्या आप इम्यूनिटी के बारे मे जानना चाहते हो यदि हाँ,तो यह आर्टिकल आपकी मदद करेगा दोस्तो |
यह आर्टिकल इम्यूनिटी के विषय मे लिखा गया है |इसकी पूरी जानकारी के लिए आर्टिकल को अंत तक जरूर पडे़ |आइए शुरूआत करते है-
ईश्वर ने हमे कई उपहार दिए है जिनमे मानव शरीर भी एक है जिसकी संरचना एवं कार्य किसी अजूबे से कम नही है| शरीर के इन्ही कार्यों मे ईम्यून सिस्टम भी एक है|
ईम्यून सिस्टम वह सिस्टम है जो रोगजनको से लड़कर हमे स्वस्थ बनाए रखने मे मदद करता है | इसके मुख्य घटक है-सफेद रक्त कोशिकाएं एवम् प्रोटीन्स |
ईम्यून सिस्टम का क्या महत्त्व है ?
हमारे चारो ओर हजारो की संख्या मे रोगजनक मौजूद होते है जैसे- वायरस, बैक्टीरिया |यहां तक की पीने के पानी,भोजन में भी रहते है |ये हमारे शरीर मे प्रवेश भी करते है लेकिन फिर भी हमारे शरीर पर इसका कोई दुष्प्रभाव नही पड़ता है क्योकिं शरीर मे ईम्यून सिस्टम लगातार हानिकारक रोगजनकों से लड़ता रहता है और इन्हे नष्ट कर हमें रोगो से बचाता रहता है|
ईम्यूनिटी क्या है ?
- `ईम्यूनिटी हमारे शरीर की रोगजनको से लड़ने की शक्ति है`
यहाँ हमे ईम्यून सिस्टम एवं ईम्यूनिटी में अंतर समझना चाहिए-
- ईम्यून सिस्टम एक तंत्र है और ईम्यूनिटी इस तंत्र की शक्ति है |
याद रहे कि सभी की ईम्यूनिटी एक समान नही होती है-
1. बच्चो की ईम्यूनिटी कमजोर होती है जिसके कारण बीमार पड़ने की संभावना अधिक होती है|
2. वयस्को मे ईम्यूनिटी अधिक होने के कारण लंबे समय तक रोगजनको से लड़ सकते है यही कारण है कि युवा बहुत कम बीमार पड़ते है|
1. बच्चो की ईम्यूनिटी कमजोर होती है जिसके कारण बीमार पड़ने की संभावना अधिक होती है|
2. वयस्को मे ईम्यूनिटी अधिक होने के कारण लंबे समय तक रोगजनको से लड़ सकते है यही कारण है कि युवा बहुत कम बीमार पड़ते है|
3.उम्र के साथ साथ ईम्यूनिटी कमजोर हो जाती है यही कारण है कि बुजुर्ग जल्दी ही बीमार पड़ जाते है और कई रोगो पीडित रहते है|
ईम्यून सिस्टम कैसे कार्य करता है ?
आपको यह समझ मे आ गया होगा कि ईम्यून सिस्टम सैन्य प्रणाली की तरह ही कार्य करता है |
आपको यह समझ मे आ गया होगा कि ईम्यून सिस्टम सैन्य प्रणाली की तरह ही कार्य करता है |
- यदि कोई बाहरी रोगजनक शरीर मे किसी तरह प्रवेश कर जाता है तो रक्त मे उपस्थित सफेद रक्त कोशिकाएं इसकी पहचान कर नष्ट कर देती है | जब रोगजनक सरलता से नष्ट नही होता है तो इसके अनुसार सिस्टम एन्टीबॉडी का निर्माण करता है |
इम्युन सिस्टम को एक उदाहरण से समझ सकते है-
- जब शरीर पर चोट लगती है तो घाव के चारो और लाल होकर सूजन आ जाती है , साथ ही दर्द भी होता है |
- ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वातावरण मे मौजूद बैक्टीरिया आदि घाव से होकर शरीर में घुसने की कोशिश करते है लेकिन इम्म्युन सिस्टम के लगातार सक्रिय होने के कारण बैक्टीरिया की पहचान करली जाती है |
- सुचना आगे तक पहुँचती है और आस-पास की सभी सफ़ेद रक्त कोशिकाएँ और प्रोटीन घाव के पास बैक्टीरिया को मारने के लिए जमा हो जाते है | यहाँ बैक्टीरिया और कोशिकाओं,प्रोटीन के बीच क्रिया (युद्ध) होता है |
- यही कारण है कि घाव के आस-पास खिंचाव और दर्द महसूस होता है | दो-तीन दिन बाद लगभग नॉर्मल हो जाता है | यहाँ हमे एक नई चीज पपडी के रूप में मिलती है जो मारे गए बैक्टीरिया और कोशिकाओं की परत होती है |
अब आप समझ गए होंगे कि इम्यून सिस्टम ठीक उसी प्रकार कार्य करता है जिस प्रकार किसी देश की सेना अपराधी के सीमा में घुसने पर करती है | स्पष्ट है कि -
- शरीर की रोगो से रक्षा करने वाले सैनिक है- सफ़ेद रक्त कोशिकाएँ (WBC)
- शरीर का डिफेन्स सिस्टम है - इम्यून सिस्टम
अब आप समझ गए होंगे कि रोगो से बचने के लिए हमारे इम्यून सिस्टम का मजबूत होना आवश्यक है |
दोस्तों आपको यह जानकारी समझ में आई होगी , इससे अगले आर्टिकल में गहराई से इम्युनिटी को समझेंगे |





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